डॉ.लाल रत्नाकर
जो साथ नहीं
वो घात लगाते है,
इन्सान बनाते.
या बेईमान
बनाते है जो भी हो,
जब इमान
नहीं होता है
इन्सान नहीं होता
बेईमान है .
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| चित्र-डॉ.लाल रत्नाकर ,संग्रह -सी.सी.एम्.बी.हैदराबाद | |
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| चित्र-डॉ.लाल रत्नाकर ,संग्रह -सी.सी.एम्.बी.हैदराबाद | |
अखबारों ने .