गुरुवार, 3 सितंबर 2026

सब कुछ ठीक नहीं है ।


सब कुछ ठीक नहीं है ।
क्यों ? क्योंकि आज,
अंधसंस्कृति का बोल-बाला है !
जिसका मन काला है ।
सीना चौड़ा है पर दिलविहिन है।
हड़पने की नीति मे निपुण है।
देश लोक कृषि सम्पदा ।
जो बेच रहा है ।
उसका निर्माण जिसने किया ?
गाली दे रहे है और हड़प रहे है।
सब कुछ ठीक नही है।
बल्कि कुछ भी ठीक नहीं है।

-डॉ.लाल रत्नाकर 

जन्नत दे दूँ क्या ?


जन्नत दे दूँ क्या ?
समझते क्यों नही हो ।
जन्नत और मन्नत भ्रम है ।
श्रम से हासिल जितना है ?
बेईमान की बेईमान की !
मिशाल मत देना ?
जानते हो राजनीति में,
इमानदारी चली गई है,
भ्रमण करने जंगल में है।
शहर में बसोगे ?
यह ख़याल तो आता है।
पर शहरी बन पायेंगे ?
जन्नत यहॉ नहीं है।
मन्नत जैसी भी हो ?
पर बेईमानी से नहीं ?
जिसे धर्म कह रहे हो ।
अधर्म धर्म तो नहीं हो जाता ?
तुम्हारे लिये !
-डॉ लाल रत्नाकर

गुरुवार, 20 अगस्त 2026

परम्पराएं कब तक जकड़ें वैज्ञानिकता।


निकलेगी  वो 
कहीं जाने के लिए 
सड़क पर। 

सुरक्षित है 
क्या सड़के अपनी 
बताओ ज़रा। 

कौन बताये 
सारे राहगीरों से 
जरुरत है। 

हमारे साथी 
तुम्हारे दुश्मन हैं 
जो जाहिर है। 

परम्पराएं 
कब तक जकड़ें 
वैज्ञानिकता। 

-डॉ लाल रत्नाकर 

सोमवार, 23 मार्च 2026

हम हमारे

 
हम हमारे 
और उनके लिए 
जरुरी कौन 

मजहब भी 
मतलब  व  जाति 
आखिर तक 

स्वार्थ उनका 
हमारी भक्ति शक्ति 
सब उनका। 

अस्तित्व तक 
जीवन से मरण 
अन्धविश्वास। 

शातिर युग 
कातर योद्धा जब 
लड़ेगा कौन ?


-डॉ लाल रत्नाकर 

विश्व को शान्ति

 

विश्व को शान्ति 
विषगुरु की क्रान्ति 
किसके साथ 

मित्र के साथ 
ठगी के व्यापारी 
कैसी लाचारी 

लोभी कपटी 
जनता से जुमले 
मित्रों के सगे। 

लोकतंत्र के 
दुश्मन तुम नहीं 
मनुवादी हो। 

यह संभव 
हो सकता है अब 
भक्त जनता। 

जब व्यापार 
भूख जनता भूखी 
लाभार्थी बन। 

ठगी धर्म हो 
धर्मान्धता परोस 
सत्ता हासिल। 

नया देश है 
नया ज्ञान अज्ञान 
परोसना है.

नाली से गैस 
थाली वाला इलाज़  
अज्ञान भाव। 

भक्तों स्वाभाव 
बदलो नहीं तुम
बचा पाओगे ?

अस्मिता हारी 
महामारी बिमारी 
सही तुम्हारी। 

विश्व शान्ति का 
वक़्त आ गया अब 
जितना भागो। 

-डॉ लाल रत्नाकर 
 


गुरुवार, 16 अक्टूबर 2025

वोट बिहार केचुआ चोरी कर पार्टी हो गया !



वोट बिहार
केचुआ चोरी कर
पार्टी हो गया !

देखना होगा
आगे आगे जनता
आक्रोश वहां !

संघ भाजपा
मोदी शाह नितीश
नहीं हैं साथ !

तेजस्वी लालू
राहुल के हमले
बिहार जीत !

कौन कितना
संवैधानिक होगा
देखना होगा।
 
- डॉ लाल रत्नाकर

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।

"Happy Birthday, राजेश प्रभाकर 
कुछ ऐसे खास पल होते हैं जिन पर बहुत कुछ लिखा जा सकता है : डॉ लाल रत्नाकर" 

वाह आज ही
जन्मदिन है और
इतनी दूर।

मशहूर है
हमारे साथ साथ
उनका साथ।

हाथ में हाथ
हो हम सब आज
आपके साथ।

कैसी बात है ।
यह हमारी मांग
पूरी कैसे हो।

विचार मंच
पर संभव है क्या!
आज की शाम।

-डॉ लाल रत्नाकर

बुधवार, 15 अक्टूबर 2025

जग बीती हो तेरी जो भी रीति हो नीति नियति।

 


जग बीती हो
तेरी जो भी रीति हो
नीति नियति।

सब ज़ाहिर
तब होता है जब
ग़ौरतलब ।

वह अपने
आप क़रीब आते
जब फँसते ।

समय मेरा
तेरा मुरीद होता
कभी अगर ।

चलना वह
चाहता अगर तो
राह बहुत ।

डॉ लाल रत्नाकर

मंगलवार, 9 सितंबर 2025

दंश किसका वंश किसका कैसा मानवता का।

दंश किसका 
वंश किसका कैसा
मानवता का।

पूरी दुनिया 
पाशुता आचरण 
दिखता नहीं ।

सत्ता मद में 
अंधे हो,बहरे हो
या और कुछ।

पर इंसान 
नहीं हो सकते हो
प्रतिघात से।

सम्भल जाओ 
डर ने तुम्हें डरा
ही तो रखा है।

-डॉ लाल रत्नाकर
 

सोमवार, 25 अगस्त 2025

न समय हैं और न ही विषय बातचीत का !


 न समय हैं
और न ही विषय 
बातचीत का  !

अपने ही हैं
इतने सारे सपने 
तारे तोड़ना !

नहीं जोड़ना 
अब किसी गॉठ को 
पड़ी है कैसे ?

नहीं सोचना
पतन पुराण पर
इस युग में !

हठधर्मी हूँ 
गठबंधन मेरा
पाखंडी से है !

डॉ लाल रत्नाकर