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दीर्घा
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गुरुवार, 20 अगस्त 2026
परम्पराएं कब तक जकड़ें वैज्ञानिकता।
निकलेगी वो
कहीं जाने के लिए
सड़क पर।
सुरक्षित है
क्या सड़के अपनी
बताओ ज़रा।
कौन बताये
सारे राहगीरों से
जरुरत है।
हमारे साथी
तुम्हारे दुश्मन हैं
जो जाहिर है।
परम्पराएं
कब तक जकड़ें
वैज्ञानिकता।
-डॉ लाल रत्नाकर
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