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परिचय
दीर्घा
प्रकाशन
गुरुवार, 16 अक्टूबर 2025
वोट बिहार केचुआ चोरी कर पार्टी हो गया !
वोट बिहार
केचुआ चोरी कर
पार्टी हो गया !
देखना होगा
आगे आगे जनता
आक्रोश वहां !
संघ भाजपा
मोदी शाह नितीश
नहीं हैं साथ !
तेजस्वी लालू
राहुल के हमले
बिहार जीत !
कौन कितना
संवैधानिक होगा
देखना होगा।
- डॉ लाल रत्नाकर
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
"Happy Birthday, राजेश प्रभाकर
कुछ ऐसे खास पल होते हैं जिन पर बहुत कुछ लिखा जा सकता है : डॉ लाल रत्नाकर"
वाह आज ही
जन्मदिन है और
इतनी दूर।
मशहूर है
हमारे साथ साथ
उनका साथ।
हाथ में हाथ
हो हम सब आज
आपके साथ।
कैसी बात है ।
यह हमारी मांग
पूरी कैसे हो।
विचार मंच
पर संभव है क्या!
आज की शाम।
-डॉ लाल रत्नाकर
बुधवार, 15 अक्टूबर 2025
जग बीती हो तेरी जो भी रीति हो नीति नियति।
जग बीती हो
तेरी जो भी रीति हो
नीति नियति।
सब ज़ाहिर
तब होता है जब
ग़ौरतलब ।
वह अपने
आप क़रीब आते
जब फँसते ।
समय मेरा
तेरा मुरीद होता
कभी अगर ।
चलना वह
चाहता अगर तो
राह बहुत ।
डॉ लाल रत्नाकर
मंगलवार, 9 सितंबर 2025
दंश किसका वंश किसका कैसा मानवता का।
दंश किसका
वंश किसका कैसा
मानवता का।
पूरी दुनिया
पाशुता आचरण
दिखता नहीं ।
सत्ता मद में
अंधे हो,बहरे हो
या और कुछ।
पर इंसान
नहीं हो सकते हो
प्रतिघात से।
सम्भल जाओ
डर ने तुम्हें डरा
ही तो रखा है।
-डॉ लाल रत्नाकर
सोमवार, 25 अगस्त 2025
न समय हैं और न ही विषय बातचीत का !
न समय हैं
और न ही विषय
बातचीत का !
अपने ही हैं
इतने सारे सपने
तारे तोड़ना !
नहीं जोड़ना
अब किसी गॉठ को
पड़ी है कैसे ?
नहीं सोचना
पतन पुराण पर
इस युग में !
हठधर्मी हूँ
गठबंधन मेरा
पाखंडी से है !
डॉ लाल रत्नाकर
रविवार, 24 अगस्त 2025
तुम कौन हो मेरा नाम बताओ काटा ही क्यों है ।
तुम कौन हो
मेरा नाम बताओ
काटा ही क्यों है ।
झूठे मक्कार
कायर तड़ीपार
तुम कौन हो !
बाबा साहब
जानते थे चरित्र
तुम्हारा कुल !
इसलिए ही
लिखा है संविधान
नहीं मानते ?
मनुवादियों
दिल पर पत्थर
रख मानो न !
डॉ लाल रत्नाकर
गधे नहीं है घोड़े हैं दिखते हैं गधे समान !
गधे नहीं है
घोड़े हैं दिखते हैं
गधे समान !
तस्वीर शौक
नक़ली सूरत है
समझदार !
दुनिया भर
में घूमा हुआ हूँ मैं 
चोरी करके ।
वोट की नहीं
नोट की भी कितनी
गिनती नहीं !
भ्रम उनका
श्रम मेरा कितना
किसको पता ?
डॉ लाल रत्नाकर
अभिमान ना सम्मान बहुत हो इंसान वही ।
अभिमान ना
सम्मान बहुत हो
इंसान वही ।
जग ख़ाली है
समय बवाली है
अज्ञान पूर्ण ।
वह विगत
वर्तमान जिनका
महान सदा ।
संस्कार मिला
सम्पदा असली है
बाक़ी नकली ।
आशीर्वाद है
जिनका सानिध्य ही
पहचान हो !
डा.लाल रत्नाकर
शनिवार, 23 अगस्त 2025
मुझे कहना चोर मत कहना तड़ीपार हूँ।
(1)
मुझे कहना
चोर मत कहना
तड़ीपार हूँ।
(2)
संसद में ही
तड़ीपार बोलना
वाजिब कैसे !
(3)
नहीं बोलना
सच को सच अब
झूठे हैं यहाँ !
(4)
किस ब्रांड की
वाशिंग मशीन है
बीजेपी घर !
(5)
जो धो देती है
भ्रष्टाचार के पाप
अंदर आते !
-
डॉ लाल रत्नाकर
मन महके जग जड़ता भूत आलिंगन से ।
मन महके
जग जड़ता भूत
आलिंगन से ।
परिभाषित
करते अनुचित
विचार अब।
कारागार में
जन्मदिन मनाने
कौन गया था।
किसके साथ
दुनिया चली आई
दर्शनार्थियों!
शातिर लोग
बहुत सी चालाकी
बरतते हैं !
डॉ लाल रत्नाकर
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