मुझे कहना
चोर मत कहना
चोर मत कहना
तड़ीपार हूँ।
(2)
संसद में ही
तड़ीपार बोलना
वाजिब कैसे !
(3)
नहीं बोलना
सच को सच अब
झूठे हैं यहाँ !
(4)
किस ब्रांड की
वाशिंग मशीन है
बीजेपी घर !
(5)
जो धो देती है
भ्रष्टाचार के पाप
अंदर आते !
-डॉ लाल रत्नाकर
मुझे लगता है कि जिन लोगों ने या जिसने इस विधा का आविष्कार किया होगा वह बहुत ही तार्किक और प्रासंगिक रहा होगा और उसके समय में भी बहुत-बहुत भयावह परिस्थितियां रही होगी कम शब्दों के माध्यम से गंभीर बात कह देना आमतौर पर जो बड़े-बड़े भाषणों से संभव नहीं होता।