सब कुछ ठीक नहीं है ।
क्यों ? क्योंकि आज,
अंधसंस्कृति का बोल-बाला है !
जिसका मन काला है ।
सीना चौड़ा है पर दिलविहिन है।
हड़पने की नीति मे निपुण है।
देश लोक कृषि सम्पदा ।
जो बेच रहा है ।
उसका निर्माण जिसने किया ?
गाली दे रहे है और हड़प रहे है।
सब कुछ ठीक नही है।
बल्कि कुछ भी ठीक नहीं है।
-डॉ.लाल रत्नाकर

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